२०२२०६१५

भेंट अर्पण क्या करें?

विश्वगुरु तव अर्चनामें, भेंट अर्पण क्या करें? ।
जब की तन-मन-धन तुम्हारे और पूजन क्या करे? ॥धृ॥ 

प्राची की अरुणिमा छटा है यज्ञ की आभा विभा है ।
अरुण ज्योतिर्मय ध्वजा है दीपदर्शन क्या करे? ॥१॥ 

वेदकी पावन ऋचा से आजतक जो राग गुँजे ।
वंदना के उन स्वरों में तुच्छ, वंदन क्या करे? ॥२॥ 

रामसे अवतार आए कर्ममय जीवन चढाए ।
अजिर तन तेरा चलाए और अर्चन क्या करे? ॥३॥ 

पत्र-फल और पुष्प जल से भावना ले हृदय तल से ।

प्राण के पल पल विपल से आज आराधन करें ॥४॥

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